16 नवंबर से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण, 30 नवंबर तक स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे जानकारी
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
देवरिया 23 अक्टूबर।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपदवासियों को जनगणना के महत्व से अवगत कराते हुए इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनपद के भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। प्रत्येक परिवार की सही जानकारी से जनसंख्या की स्थिति और क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलेगी। इसलिए सभी नागरिक जनगणना के इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करते हुए अपनी सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 16 से 30 नवंबर, 2026 तक स्वयं जनगणना का होगा। इस दौरान नागरिक आधिकारिक पोर्टलhजनगणना पोर्टल पर जाकर निर्धारित 40 बिंदुओं पर अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) जनरेट होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक है। जिन नागरिकों को ऑनलाइन जानकारी भरने में सुविधा नहीं होगी, वे निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भरकर प्रगणक को उपलब्ध करा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि दूसरा चरण 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक चलेगा। इस अवधि में प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना संबंधी जानकारी का संकलन एवं सत्यापन करेंगे। स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने वाले परिवारों को अपनी SE ID प्रगणक को उपलब्ध करानी होगी, ताकि उनके द्वारा दर्ज किए गए विवरण का पोर्टल पर सत्यापन किया जा सके। अन्य परिवारों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से प्राप्त की जाएगी। इस दौरान नागरिक प्रगणक को अपने परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना कार्य में सहयोग करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना का तीसरा चरण पुनरीक्षण का होगा, जो 5 से 9 जनवरी, 2027 तक चलेगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज की गई जानकारी का पुनरीक्षण करेंगे। निर्धारित संदर्भ समय यानी 4 जनवरी, 2027 की मध्यरात्रि तक की स्थिति के अनुसार आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस अवधि में यदि किसी परिवार में नया जन्म या मृत्यु हुई है अथवा दर्ज विवरण में कोई संशोधन आवश्यक है, तो संबंधित जानकारी को अद्यतन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों को आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान उनके द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसे सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में नागरिकों को किसी को भी ओटीपी, दस्तावेजों की छायाप्रति अथवा फोटो देने की आवश्यकता नहीं है। प्रगणक को निर्धारित जानकारी उपलब्ध करानी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और जनगणना के नाम पर दस्तावेजों की मांग किए जाने पर सतर्क रहें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना लगभग दस वर्ष में एक बार होने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें प्रत्येक परिवार की सही जानकारी दर्ज होना आवश्यक है, क्योंकि यही जानकारी जनपद, गांव और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने में सहायक होगी। उन्होंने सभी जनपदवासियों से जनगणना को जनभागीदारी का पर्व मानते हुए पूरे मन से इसमें सहयोग करने, निर्धारित समयावधि में सही जानकारी उपलब्ध कराने और जनपद के विकास की मजबूत नींव रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
जैनेन्द्र कुमार गुप्ता




